नमो नमः।
""सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः,
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्।""
दीपावली का उत्सव धनतेरस के दिन से प्रारंभ हो जाता है। धन तेरस का त्यौहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष शुक्रवार २५ अक्टूबर को धनतेरस का त्यौहार मनाया जाएगा, परन्तु तिथियों के बढ़ने के कारण त्रियोदशी तिथि 25 अक्टूबर को प्रातः 07:08 बजे से प्रारंभ होकर 26 अक्टूबर को दोपहर 03:46 बजे तक रहेगी।
पुराणों के अनुसार इस दिन समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि का पूजन स्वास्थ्य के देवता के रूप में किया जाता है।
धनतेरस तिथि - शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2019
धनतेरस पूजन मुर्हुत - शाम 07:08 बजे से रात 08:14 बजे तक
प्रदोष काल - शाम 05:39 से रात 08:14 बजे तक
वृषभ काल - शाम 06:51 से रात 08:47 बजे तक
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ - सुबह 07:08 बजे (25 अक्टूबर 2019) से
त्रयोदशी तिथि समाप्त - दोपहर 03:46 बजे, (26 अक्टूबर 2019) तक
*आज हम आपको कुछ विशेष बाते बता रहे है जिनका आपको धनतेरस के दिन बोहत ध्यान रखना है ओर भूल कर भी ये कार्य इस दिन ना करें ।*
*धनतेरस के दिन किसी को भी भूलकर भी उधार न दे एवं हो सके तो किसी से उधार ले भी न. इस दिन अपने घर से लक्ष्मी का प्रवाह बाहर ना होने दें.
*धनतेरस के दिन शीशे (कांच ) के बर्तन ना खरीदें. शीशे का सीधा संबंध राहु ग्रह से माना गया है इसलिए धनतेरस के दिन शीशा खरीदकर राहु के आगमन को न्योता देना है।
*अगर आप लक्ष्मी माता को प्रसन्न रखना चाहते है तो धन तेरस के दिन घर मे बिल्कुल भी क्लेश ना करें।
*काले रंग का कोई भी समान घर मे न लाये , काले रंग को नकारात्मकता से जोड़ा जाता है। इसीलिए किसी भी शुभ समय पर काले रंग को इस्तेमाल नही किया जाता। आप भी धनतेरस के दिन काले रंग को ना पहनें ना इसका इस्तेमाल करें।
*किसी भी शुभ काम में नुकीली या धारदार चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। धनतेरस के दिन आप भी किसी नुकीली या धारदार चीज जैसे चाकू या कैंची आदि को ना खरीदें। ऐसा करना अशुभ हो सकता है।
*धनतेरस पर जरूर खरीदें ये पांच चीजें, होगी कुबेर जी व माँ लक्ष्मी की कृपा।*
🏵धनतेरस के दिन आप माता लक्ष्मी का स्फटिक का श्रीयंत्र खरीद सकते हैं। इस दिन यह यंत्र खरीदने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में समृद्धि का वास होता है। श्रीयंत्र की पूजा दीपावली के दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन में करें।
🏵धनतेरस पर घर मे स्वर्ण या चांदी की वस्तुएं या फिर स्टिल या पीतल के बर्तन अपने सामर्थ अनुसार अवश्य खरीदे।
🏵धनतेरस पर झाड़ू अवश्य खरीदे, ऐसा माना जाता है के इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है।ओर सकारात्मक उर्जा घर मे प्रवेश करती है।
🏵धनतेरस के दिन घर मे नमक अवश्य लेकर आएं इससे घर मे सुख शांति एवं धन का आगमन होता है।
🏵दीपावली के पूजन के लिए माँ लक्ष्मी व भगवान गणेश जी की मूर्ति या चित्र धनतेरस के दिन ही ख़िरदना चाहिए।
विशेष:-
इस दिन लोक मान्यताओ के अनुसार यम देव की भी पूजा अर्चना करते है और उन के लिए आटे का दीपक बना कर अपने अपने घरो के मुख्य दरवाजे पर मध्यरात्रि में रखते है | इससे भी घर मे सुख शान्ति व समृद्धि बनी रहती है।व कोई अनिष्ट नही होता।
धनतेरस के पूजन के पश्चात निम्नलिखित मंत्र की एक या तीन माला करें। घर मे सुख समृद्धि वैभव लक्ष्मी का आगमन होगा। कुबेर भगवान की कृपा होगी।
कुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र-
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
इसी के साथ आप सभी को एक बार फिर से धनतेरस की सपरिवार बोहत बोहत शुभकामनाएं। भगवान धन्वंतरि आप सभी को स्वस्थ रखे निरोगी काया दे, भगवान गणेश व रिद्धि सिद्धि का वास आपके घर मे हो तथा माँ लक्ष्मी व कुबेर भगवान की कृपा सब पर सदैव बनी रहे। ऐसी हम ईश्वर से, परम पिता परमेश्वर से सभी के मंगल की कामना करते है।
अपने परिवार जनों ईष्ट मित्रो तथा जानने वालो को भी यह महत्वपूर्ण जानकारी भेजे ।
शुभम भवतु।
शुभम भवतु।
कल्याण हो।https://youtu.be/9B1bLMu7jlU CLICK




